Kayan Ki zindegi Part 11
हमेसा ज़िंदगी खूबसूरत नहीं होती, ना ही हमेसा ज़िंदगी बेरंग सा रहता है। हर इंसान की ज़िंदगी मे वो पल आता हे, की वो कभी न कभी खुद को तनहा महसूश करता हे और ऐसी समय बीतने के बाद , वो खुद को वो तन्हा भरा ज़िंदगी से मुक्त कर लेता है। खुशियां और दुख कभी स्थाई नहीं है.. ये तो ज़िंदगी मे आता हे और जाता हे । हर वो कठिन परीक्षा से आगे निकल जाना भी हमें समय ही सीखा देता हे । Kayan का ज़िन्दगी भी इसी तरह बित रहा था। लगता हे, अब kayan की ज़िंदगी का वो तन्हा सफर खत्म हो जायेगा । बो अब समझ रहा था अपनी ज़िंदगी Anugrah के साथ ही लिखेगा। अब कोई गलतफहमी को आपने बीच नहीं आने देगा। अब Kayan बेचैन था। वो एक जगह बैठ नहीं पा राहा था। बस Sofe में 2 minute से ज्यादा वो बैठ ता भी नहीं था। थोड़ा relax तो हुआ था Biswas Babu से बात करने के बाद। but चैन मेहसूस नहीं कर पा रहा था । Google उसका बैचेनी को feel कीया। वो उसका पास जाके उसका दोनों हाथों को अपने दोनों हाथों से पकड़ा , और उसको sofe में अपने साथ बिठाया। और बोला बाबू थोड़ा relax तो करा खुद को। क्यों tention लेता है ?? सब सही है अभी... सब कुछ ते...