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Showing posts from February, 2021

Kayan Ki Zindegi part 6

"Kayan Ki Zindegi "  बस ये एक कहानी की title नहीं  है।ये एक emotion है, ये एक रिस्ता का वजूद है। कभी कभी लगता है ये उन अनमोल प्यार का एक हिस्सा है , जो भगबान ने परीक्षा के लिए इस दुनिया मे  दो आत्मा को भेजे है ।यहां की वो प्यार की दास्तान भगबान ने  लिखे नहीं है। भगबान ने  इनकी ये प्यार को खुद एक कहानी बनाएंगे। जो हर एक आत्मा सुन के मेहसूस करेगा कि प्यार होता क्या है ..... ---------------------------------------------------- अब तो ऐसा होगया था कि Kayan के सामने Anugrah होने से भी , वो अपना नज़र हटा लेता था। पता नेंही उसका मासूम दिल मे क्या चल रहा था। जिस की चेहरा देख के वो दिन भर खुस रहता था, आज कल वो   चेहरा उसको क्यों अजीब सा दर्द देता है। कभी cofee shop पे तो, कभी  घर के पास की shop से सामान खरीद ते वक़्त जब Kayan के सामने Anugrah आ जाता है, वो मुह फेर लेता है। उसके लिए, Anugrah एक अजनबी और अब Anugrah का चेहरा एक अनजाना  चेहरा था। Anugrah हमेसा Kayan के आसपास ही रेहता था।। Anugrah अब नहीं समझ पा रहा था कि कैसे वो kayan को मनाये। अगर कोई इंसान...

Kayan ki zindegi part 5

 हर किसीकी ज़िन्दगी मैं   नया मोड़ आता ही है।और हर इंसान  अपना तरीका से ज़िंदगी को आसान बनाने की कोशिश करता है।। Kayan भी अपनी ज़िंदगी को अपना हिसाब से जीने की कोशिश कर रहा था।। but उसको मालूम था कि जब जब अनुघ्रह उसकी सामने आएगा तब उसकी मुस्किल और बढ़ेगी।।उसकी नाराज़गी और उसका बिता  हुआ ज़िंदगी फिरसे उसके सामने आएगा।। उस रात kayan साम से ही सोगया। Anugrah आके doorbell बजाया। मगर kayan सोगाया था। Anugrah,  Mishra uncle के घर आया और uncle से,Kayan के बारे में पुछा।। uncle ने बताया कि kayan अपनी ज़िंदगी अपनी तारिका से जीने की कोशिश कर रहा है। खुद को indipendent बनाया है।। किसी की मदत की ज़रूरत नहीं होता उसको।  किसीसे उतना मिलता नहीं, ना कि उतना बात करता है।। ज़रूरत होनेसे ही किसी से कुछ बात कर लेता है। उसको ये पसंद नही की किसीने उसकी हालत की वजह से उसपे सहानुभूति दिखाए।। वो खुद अपना responsibility लिया हुआ है। उसकी माँ aur पापा की जो insurance की पैसा और savings को अभीतक हाथ नहीं लगाया है। वो tution पढ़ाता है अपनी juniors को।और कुछ छोटे बच्चों को।वो अपनी पैसा से अपन...