Kayan Ki Zindegi part 6
"Kayan Ki Zindegi " बस ये एक कहानी की title नहीं है।ये एक emotion है, ये एक रिस्ता का वजूद है। कभी कभी लगता है ये उन अनमोल प्यार का एक हिस्सा है , जो भगबान ने परीक्षा के लिए इस दुनिया मे दो आत्मा को भेजे है ।यहां की वो प्यार की दास्तान भगबान ने लिखे नहीं है। भगबान ने इनकी ये प्यार को खुद एक कहानी बनाएंगे। जो हर एक आत्मा सुन के मेहसूस करेगा कि प्यार होता क्या है ..... ---------------------------------------------------- अब तो ऐसा होगया था कि Kayan के सामने Anugrah होने से भी , वो अपना नज़र हटा लेता था। पता नेंही उसका मासूम दिल मे क्या चल रहा था। जिस की चेहरा देख के वो दिन भर खुस रहता था, आज कल वो चेहरा उसको क्यों अजीब सा दर्द देता है। कभी cofee shop पे तो, कभी घर के पास की shop से सामान खरीद ते वक़्त जब Kayan के सामने Anugrah आ जाता है, वो मुह फेर लेता है। उसके लिए, Anugrah एक अजनबी और अब Anugrah का चेहरा एक अनजाना चेहरा था। Anugrah हमेसा Kayan के आसपास ही रेहता था।। Anugrah अब नहीं समझ पा रहा था कि कैसे वो kayan को मनाये। अगर कोई इंसान...