Posts

Kayan ki Zindegi Part 7

  Kayan ,, अब वो लम्हो को जीना ही नहीं चाहता, क्यों कि वो लम्हे अब उसको दर्द देता था। Anugrah न होनेसे वो खुद को एक अनाथ मान बैठा था।। मगर उनकी भाबनाओ को सामनेवाला समझे तब ना।। kayan क्या सोचता है, उसकी मासुम दिल के अंदर क्या चल रहा है ये कोई नहीं समझता ।जब एक matured इंसान का दिल टूटे तो सायद वो खुद को कुछ पल में संभाल लेता है ।मगर एक बचा का दिल जब टुट जाये तो वो दिल बस टुटता नहीं ,टुट के बिखर जाता है । बस kayan के साथ वही हुआ है।। जिस के साथ वो ज़िंदगी की का हर लम्हा जी लेना चहाता था.. अब उसके ,....पास होने से दर्द होता है kayan को,, Anugrah को देख के उसका दिल  ज्यादा जोर जोर से धड़कता है।। कुछ पुराना प्यार अभी भी feel होता है  तो कहीं उसको लगता है Anugrah उसको धोका दे दिया ।। तो वो प्यार कहाँ था  ??? ऐसे बहोत कुछ सोच सोच के  वो सो गया।। ऐसे सोया था जेसे  वो बहोत थका हुआ सा कोई गहरी नींद मैं सोया था।।  Anugrah नीचे आया पिने के लिए पानी लेने।।उसने अपना पानी का बोतल भरा, but अनुघ्रह की नजरें kayan को ढूंढ रहा था।। वो चाहता था कि kayan उसको दिखे और kayan...

Kayan Ki Zindegi part 6

"Kayan Ki Zindegi "  बस ये एक कहानी की title नहीं  है।ये एक emotion है, ये एक रिस्ता का वजूद है। कभी कभी लगता है ये उन अनमोल प्यार का एक हिस्सा है , जो भगबान ने परीक्षा के लिए इस दुनिया मे  दो आत्मा को भेजे है ।यहां की वो प्यार की दास्तान भगबान ने  लिखे नहीं है। भगबान ने  इनकी ये प्यार को खुद एक कहानी बनाएंगे। जो हर एक आत्मा सुन के मेहसूस करेगा कि प्यार होता क्या है ..... ---------------------------------------------------- अब तो ऐसा होगया था कि Kayan के सामने Anugrah होने से भी , वो अपना नज़र हटा लेता था। पता नेंही उसका मासूम दिल मे क्या चल रहा था। जिस की चेहरा देख के वो दिन भर खुस रहता था, आज कल वो   चेहरा उसको क्यों अजीब सा दर्द देता है। कभी cofee shop पे तो, कभी  घर के पास की shop से सामान खरीद ते वक़्त जब Kayan के सामने Anugrah आ जाता है, वो मुह फेर लेता है। उसके लिए, Anugrah एक अजनबी और अब Anugrah का चेहरा एक अनजाना  चेहरा था। Anugrah हमेसा Kayan के आसपास ही रेहता था।। Anugrah अब नहीं समझ पा रहा था कि कैसे वो kayan को मनाये। अगर कोई इंसान...

Kayan ki zindegi part 5

 हर किसीकी ज़िन्दगी मैं   नया मोड़ आता ही है।और हर इंसान  अपना तरीका से ज़िंदगी को आसान बनाने की कोशिश करता है।। Kayan भी अपनी ज़िंदगी को अपना हिसाब से जीने की कोशिश कर रहा था।। but उसको मालूम था कि जब जब अनुघ्रह उसकी सामने आएगा तब उसकी मुस्किल और बढ़ेगी।।उसकी नाराज़गी और उसका बिता  हुआ ज़िंदगी फिरसे उसके सामने आएगा।। उस रात kayan साम से ही सोगया। Anugrah आके doorbell बजाया। मगर kayan सोगाया था। Anugrah,  Mishra uncle के घर आया और uncle से,Kayan के बारे में पुछा।। uncle ने बताया कि kayan अपनी ज़िंदगी अपनी तारिका से जीने की कोशिश कर रहा है। खुद को indipendent बनाया है।। किसी की मदत की ज़रूरत नहीं होता उसको।  किसीसे उतना मिलता नहीं, ना कि उतना बात करता है।। ज़रूरत होनेसे ही किसी से कुछ बात कर लेता है। उसको ये पसंद नही की किसीने उसकी हालत की वजह से उसपे सहानुभूति दिखाए।। वो खुद अपना responsibility लिया हुआ है। उसकी माँ aur पापा की जो insurance की पैसा और savings को अभीतक हाथ नहीं लगाया है। वो tution पढ़ाता है अपनी juniors को।और कुछ छोटे बच्चों को।वो अपनी पैसा से अपन...

Kayan ki zindegi part 4

Friends,,  जब जब सोचता हूँ ये कहानी आगे बढाऊँ, तब मुझे एक डर सा लगा रहता है। क्यों कि kyan जेसा प्यारा सा बच्चा की ज़िंदगी मे इतना कठोर situation आया था कि मैं  खुद सहम जाता हूँ सोचते सोचते। उसकी ज़िंदगी ठहरा हुआ पानी जेसा था। देढ़  साल  से वो खुदको ऐसे बनाया था कि जेसे आसपास  उसकी ज़िंदगी से उसको कोई मतलब नहीं था। वो खुद बस जीना तब तक चाहता है जब तक  की वो  जी सकता है।उसको इच्छा नहीं था जीने को but वो बेमन से जी रहा था। उसको अब  ना कोई खुसी की चाहत है , ना कोई गम की फिकर है।अब जो ज़िंदगी ने उसको ठोकर मारा है, उसे और ज्यादा गम क्या मिल सकता है ।  चाहत नहीं थी कुछ खुसीकी और ना वो वो खुस रहने केलिए कुछ करना चाहता था। बस जो चल रहा है उसको चलने दे रहा था।  अब फिर आया kayan की ज़िंदगी की एक और दौर,, जहां kayan खुद से लड़ेगा अपनी ज़िंदगी को आगे बढ़ने के लिए। Kayan उसकी एक classmate frnd Pritika के साथ स्कूल की गेट से बाहर निकला ही था घर अनेको।  दोनो हाथ में cycle लेके  पैदल चल ही रह थे कुछ बात करके  । गेट से 4कदम निकला ही था कि उसकी कदम ...

Kayan ki zindegi part 3

 अब से kayan की ज़िंदगी को बस kaayan की आंखों से और kayan की मन से नहीं देख सकते है। क्यों कि अब उसकी काहानी मैं कई सारी character आगए हैं। अब से सब चारित्र और सब situation के हिसाब से कहानी आगे बढ़ेगी। Kaayan की birthday की अगले सुबह  Anugrah ने देखा कि kayan उसको पकड़ के सोया हुआ है। अनुग्रह ने उस को देखा और उसकी चेहरे की मासूमियत को पढ़ने की कोशिश किया।kayan की चेहरे से anughrah ने एक नए सुबह को देखने लगा। Anugrah ने kayan की माथे को एक kiss किआ और kayan तभी जागने लागा ।Anugrah ने उसको थप थापा के उसको सुलाने लगा।कुछ देर बाद anugrah ने प्यार से kaayan की सर को तकिए में रखा और खुद को उस से  आजाद  कर के बेड से उठा और घर से बाहर निकल ना चाहा।  सुबह का 8am बज चुका था।वो हॉल मैं पहोंच ही था कि kayanकी मामा ने बोल दी बेटा Anu चाय तो पिले। Anugrah ने बोला नहीं aunty आज नहीं।kayan की ममी ने Anu से पूछा वो केशा है अब। उसने बोला ठीक है anty।वो मैं उसको समझा दिया। वो रात को मेरे से बात भी किआ। वो खुस है। फिर kayan की मामा ने कहा, बेटा Anu तुमसे कुछ कहना था। हाँ बोलिएना aunty...

Kayan ki zindegi part 2

 Mai ghar pahuncha fir bahot jaldi jaldi mai bathroom ghusa ..Wildstone ki shop se khud bahot achhe se saf kia..Fir ek denim jeans ke sath white t-shirts pehna..Bahot sari deo use kia pure body aur kapde mai. Fir mai breakfast kia.. Ghar se nikal ke Mishra uncle ke ghar jane laga , tavi mama ne mujhe kuchh saman ke liye shop bheja ..mai mama ke upar gusa hua..But mama ne kaha urgent requirement hai wo saman ki..mujhe jana pada..Mama ko saman deke mai ghadi dekha to 10.30am .Khud pe gussa ya mama pe gussa araha tha..mai samajh nehin paya. Fir mai Mishra uncle ke ghar pahuncha.Anugrah ne mujhe dekh ke bolne laga "kya yaar mai kab se wait kaar raha tha..Tum itna late karte ho.?" Mai bola sry..Mama ne kuchh kaam de dia so late hogaya.. Usne bola..Chalo abhi Anugrah ne uncle ki bike nikala fir mai uske pichhe baith gaya. Mai khus tha ..Achha sa feel horaha tha.mai  uska khusboo ko mehsus karne ki kosish me tha..Karib 2km tak jane ke  baad wo achanak break lagaya..mai bas girte...