Kayan ki zindegi part 4

Friends,, 

जब जब सोचता हूँ ये कहानी आगे बढाऊँ, तब मुझे एक डर सा लगा रहता है। क्यों कि kyan जेसा प्यारा सा बच्चा की ज़िंदगी मे इतना कठोर situation आया था कि मैं  खुद सहम जाता हूँ सोचते सोचते। उसकी ज़िंदगी ठहरा हुआ पानी जेसा था। देढ़  साल  से वो खुदको ऐसे बनाया था कि जेसे आसपास  उसकी ज़िंदगी से उसको कोई मतलब नहीं था। वो खुद बस जीना तब तक चाहता है जब तक  की वो  जी सकता है।उसको इच्छा नहीं था जीने को but वो बेमन से जी रहा था। उसको अब  ना कोई खुसी की चाहत है , ना कोई गम की फिकर है।अब जो ज़िंदगी ने उसको ठोकर मारा है, उसे और ज्यादा गम क्या मिल सकता है । 

चाहत नहीं थी कुछ खुसीकी और ना वो वो खुस रहने केलिए कुछ करना चाहता था। बस जो चल रहा है उसको चलने दे रहा था। 

अब फिर आया kayan की ज़िंदगी की एक और दौर,, जहां kayan खुद से लड़ेगा अपनी ज़िंदगी को आगे बढ़ने के लिए।


Kayan उसकी एक classmate frnd Pritika के साथ स्कूल की गेट से बाहर निकला ही था घर अनेको।  दोनो हाथ में cycle लेके  पैदल चल ही रह थे कुछ बात करके  । गेट से 4कदम निकला ही था कि उसकी कदम खुद ही खुद रुक गया। थम सा गया उसकी कदम के साथ  उसकी  वक़्त जैसे वहीं पर। दिलकी धड़कन तेज़ होगया । किसीकी अनेका वो जो  intution वो फील कर रहा था। समझ गया वो anugrah का वाहाँ होना।

Kayan वहीं ठहर गया था और प्रितिका कुछ कदम आगे चल गया था। pritika पलट के देख रहा था कि अचानक kayan एक जगह पर रुक गया है।वो उसको  hay kayan, kayan बोला but kayan को कुछ भी सुना ही नहीं दे राहा था। वो बस एक एहसास को  feel कर रहा था। और उसकी आँखों से अंशू की दो बूंद टपकने लगा। वो धीरे से उसकी पलके उठाके आगे देखा। वो सामने वाला दुकान के पास  Anugrah को देखा। बस 2मिनट मैं वो खुद को  संभाल लिया। उसकी आँखों की दो बूंद आँशु नीचे गिरा। वो अपने पे काबू पानेकी कोशिश किआ। और अपना साईकल में चढ़ के आगे निकल गया। फिर kayaaan ने pritika  को क्रश करके कुछ ज्यादा ही speed में आगे निकल गया। और प्रितिका आश्चर्य होके kayan को देख जारहा था। पहले येसा कभी नहीं हुआ था कि वो ऐसे rudely बिना कुछ बोले अपनी friend को  छोड़  के ऐसे चला गया है ।

Anugrah ने अपना bike स्टार्ट करके जब kayan को फॉलो करना चाहा तब तक kayan उसकी आँखों से औझल होचुका था।Anugrah इधर उधर उसको बहोत ढूंडा। 

Kayan अलग root लेके निकल गया था।Anugrah उसको ढूंढने की कोशिश तो किआ मगर वो ,, ढूंढ़ नहीं सका। 

Kayan  main road से side होके एक सुनसान सा जगह में गया  और वो एक पेड के नीछे बैठ गया।

कुछ सोचता हुआ उसकी आँखों से अंशूं की धार बहने लगा। ।जोर जोर से रोने लगा।। उस्की अपनी अंदर की दुख   बाहर आने लगा।  वो वहीं पर बैठा राहा। और सोचने लगा।  उसको याद आया कुछ पुरानी यादें। 

वो याद करने लगा पिछले डेढ़ साल पुरानी कुछ दीनो के बारे में।

Anugrah जब अपनी घर गया था। फीर वो वापस नहीं  आया। 2week तक Anugrah को Kayanने कोई call नेही किआ था ।बस Maa को पूछता था भाई का call आया था क्या। मा कहती थी अरे वो गया है कुछ काम से, खत्म कर के आजायेगा।

Kayan, normal रहता था maa की बात से वो sartisfy हो जाता था। but ,2week होजाने के बाद उसको डर सताने लगा। उसको लगा Anugrah आएगा कि नहीं। वो maa से पुछता था अब daily,, की bhai का phone आया क्या।

वो एक दिन खुद Anugrah को कॉल किआ।

But Anugrah के Phone किसी और ने rcv किआ था। जब kayan ने Anugrah के बारे मे पूछा । reply आया कि बाबु अभी नहीं है ।वो बाहर गए है । मैं बाबू को बतादूँगा।

Kayaan खोया खोया से रहने लगा।बस उदासी मन से रहने लगा ।माँ समझती थी, kayanकी दुख की वजह को।

Kayaan अपनी रूम में सोया था।मा उसकी पास जाके बैठा और उसके सर को अपनी गोद मे लिया और उसको समझाया।देख Kayan हम लोग किसीसे कितना प्यार करे और कोई हमे कितना भी प्यार करे,, मगर हर किसीका  का personal लाइफ होता है।मुझे पता है Anugrah एक अच्छा इंसान है।एक माँ की आँखें कभी धोखा नहीं खा सकती। आज अगर वो return नही आया है, तो जरूर उसकी कोई मजबूरी रही होगी।।।

 ओर मुझे यकीन है, वो तेरे लिए ज़रूर आएगा। तू ज्यादा सोच मत। तू अपनी लाइफ जीते जा।देखना वो तेरे पास आजायेगा ।

मैं तेरे लिए कॉफी बनाके लाता हूँ। ये बोल के माँ ने किचन मैं गया।

kyaan  ने अपनी अंशूं पोछा और कुछ सोचा,वो खुद की भाबनाओ से लड़ कर ये decission लिए की वो अपनी माँ को सब सच बतादेगा , फिर वो माँ के पास kitchen मैं गया। औऱ रोते रोते माँ  को  अपने गले लगाया ।और ज्यादा ज्यादा रोने लगा।

और माँ ने उसको संभाला, और पूछा क्या हुआ kayan।तू क्यों रो रहा है ?। Kayan थोड़ा नार्मल हुआ , but उसकी आंखोसे आँसु बेहना कम नहीं  होराहथा।

मा ने उसको कहा तू कुछ कहना चाहता है ना मुझे।?

माँ, मुझे आपसे कहना तो है, but मैं डर जाता हूँ।कही आप मेरे बात सुन के मुझे नफरत और घृणा न करे।मगर सोचता हूँ अगर आपको नहीं बताऊंगा तो मैं फिर किसको बताऊंगा। और kayan रोता जा रहा था।।  माँ ने कहा तू बोल ना मुझे। तू मेरा बेटा है मेरा जिंदिगी है तू।।तू मुझसे सब कुछ share कर सकता है ना।

Kayan बोलै माँ मैं एक नार्मल लड़का नहीं हूं।आपकी बीटा नॉर्मल नहीं है माँ। मुझे सरम अति है कहने मैं माँ , की मुझे लड़कियों में intrest  नहीं है।मै क्या करूँ माँ । और kayan रोये जारहा था।

एक 14 साल का लड़का की दुख तो जेसे एक समंदर की  गहराइयों को बयां कर रहा था।उसकी imotion अंशूं नहीं लहुँ बनके गिर रहा था ।उसकी गिरता हुआ अंशूं जैसे उसकी माँ की कलेजे को सीधे चुभ रहा था कांटा बनकर। वो खुद को बहोत कठोर बनाके आज उसकी माँ के पास  आया था अपनी हकीकत बताने के लिए। और ये डर सता रहा था कि माँ ने उसको किसतरह   accept करेगी। उसको ये भी पता था कि आज एक माँ को वो किस हद तक उदास करने वाला है।

वो फिर  रोते हुए और आंखों मैं आँशु भरे हुए  मा को कहने लगा , माँ मैं आपको बहोत तकलीफ देरहा हूं मुझे पता है, । आज एक माँ की बहोत बड़ी दुख और तकलीफ की कारण मैं बन गया हूँ। मगर  मैं ....क्या करूं....माँ,, मैं अंदर अंदर घुट रहा हूँ माँ..

और माँ मैं Anugrah भाई से प्यार करता हूँ।और अब उसे बिछड़ के रहना मैं बर्दास्त नहीं कर पाराहा हूं। भाई भी मुझसे बहोत प्यार करता था। माँ,, मैं भी बहोत तकलीफ मैं हूँ माँ,,kayan की चेहरे अंशु से भर गया था। फिर वेसे रोतेरोते  Kayan माँ को बोला Maa अगर आप मेरे वजह से दुखी है तो मैं कहीं दूर चला जाऊंगा।  अगर आप मुझसे नफरत करने लगोगे तो मैं मरजाऊँगा माँ.....

माँ Anugrah भाई अब नहीं आएगा मुझे लगता है। और मैं आपको इतना दुख दिया हुन की आप मुझे और प्यार नहीं करसकते हो।। मैं क्या करूँ माँ।मैं अब खुदको कैसे संभालूं माँ।मुझसे नहीं होगा माँ। 

Kyaan का रो रो के बुरा हाल होगया था।माँ बस उसकी बात सुन रहे थे और कुछ बूंदें आँसू उनका भी फर्श पर गिर गया था।

माँ की आंखों मैं आँशु था। वो अपनी अंशुन पोछते हुए kayan को बाहों में संभाल लिया। और माँ बोली।

माँ और बेटा का रिस्ता बस खुशियां बांटने केलिए नहीं है, हर वक़्त  एक दुषरे का सहारा और दुख बांटने का भी होता है। माँ एक  ऐसा सब्द है जिसमे दुनियां की सारी दुख को अपनी अंदर भर के अपनी दुख को अपनी बच्चों की खुशियां  मैं तब्दील करदेती है।

हर इंसान normal होता है। बस उसको अपनी ज़िंदगी खुद से normal बनाना होता है।  ये उसकी हाथों मैं है कि वो अपनी ज़िंदगी को किस तरह से normal बनाता है या  complicated बनाता है।

Kayan तू बेटा है मेरा।  तू जो है वो है। तू कुछ भी होनेसे क्या हमारा मा बेटा का रिस्ता कुछ अलग रिस्ते बन जायेगा।??

तू जब तक खुस है हम Normal है।और बात रही Anugrah की, मैं खुस हुन की तू खुद के लिए Anugrah को चुना है। वो बहोत अच्छा और प्यार लड़का है। और तू दुखी मत हो।वो ज़रूर किसी मुस्किल वक़्त से फसा है, वरना वो अपनी माँ और प्यार  से इतना दूर नहीं रहता। वो आजायेगा। तू बस खुस रह।उसको भी अच्छा नहीं लगेगा, ये जान के कि तू दुखी है । मैं उसको call करता हूँ।

माँ ने kyaan को normal करदिया ।और kayaan अपनी room में जाकर सोगाया।


Next morning एक fresh morning था।kayan bed से उठा और माँ के पास गया किचन में। माँ को पीछे से hug किआ  और  खुसी से माँ को किस किआ। 

माँ ने बोला कि वो आज Anugrah से बात करेगी।

माँ ने 10 am को anugrah को call किआ, call biswas babu ने rcv किआ। biswas babu अनुघ्रह की घर की देखभाल करते हैं।  माँ ने जब बोलै की वो kayan की माँ बोल रही है।वो बोले कि हां जी आप बताइए kayan baba केसा है।मुझे पता है Kayan baba के बारे में ,, Anu बेटा ने बताया था।उसने बोला था Kayan का call आएगा।Biswas Babu ने पूछा केसा है kayan baba ??

फिर माँ ने बोली वो ठीक नहीं है।बहोत miss करता है अपनी भाई को। Anugrah कहाँ है,? वो kayan को contact क्यों नहीं करता है। kayan परेसान रहता है।।biswas babu बोले Anugrah यहां नहीं है। उसकी ज़िंदगी का एक और मोड़ आया है।

फिर biswas babu बोले, Anugrah की माँ का पता मिलगया है। 

kayan की माँ बोली,  क्या मतलब है , मैं समझी  नहीं । Biswas बाबू बोले 12 साल बाद उसकी मां की  बारे मे अचानक खबर आया कि वो जिंदा है। 12 साल पहले जो एक्सीडेंट मैं उनकी माँ की बॉडी  हम लोग ढूंढ़ नहीं पाए थे। हम सब सोचे थे कि मालिकिन अब दुनिया मे नही रहे ।  मालकिन की सरीर नदी मैं बह गया था । अब हम को पता चला कि मालिकिन नदी  मैं बहकर बहोत दूर एक नदी किनारे एक आश्रम के पास  लगी थी। और आश्रम की साधु बाबाओं ने बैदिक प्रणाली से उनकी चिकित्सा कर रहे थे।  दुषरे राज्यों मैं बो आश्रम था। मालिकिन की शरीर  की चोट ठीक होने मैं 4 साल लग गया था। और उनकी यादास्त तो अब 12 साल बाद आया है। 

Anugrah बेटा वहीं गया हुआ है। वहां मोबाइल phone use नहीं करते है।वो जगह पूरी तरह प्राचीन और बैदिक प्रणाली  से चलता है।

मालिकिन की याददास्त पूरी तरह stable होने तक Anugrah Baba वहीं रहेगा।और वो कबतक return अपनी माँ को लेके आएगा वो पता नहीं। 

Anugrah बीटा का यहां का adress मैं आपको भेज देता हूँ।और वो आनेतक Kayan baba को आप संभाल लीजिये। 

माँ ने  कहा हॉ ohk ,, मैं kayan को समझा दूंगी। फिर वो फ़ोन काट दिए।

Kayan की माँ थोड़ा relax feel किआ। वो Anugrah के लिए खुस थे। उन्होंने देखा था Anugrah  माँ की प्यार के लिए कैसे तड़पता था।

ये बात माँ ने kayan को बोलना चाहा, but kayan school चला गया था। 

हमेसा माँ का खाने का order और  उसकी समान kayan ही मार्किट से लाके देता था। but वो आज स्कूल निकल गया था so, माँ ने खुद market निकल गयी। और समान लेके जब वो road cross कर रही थी तब अचानक सामने से एक कार बहोत speed से आया और kayan की माँ को ठोकर मारकर चलिगई।

वहां फिर भीड़ इकठ्ठा हुआ और kayanकी माँ को hospital लिया गया। माँ की हैंड बैग उनकी sholder पे था।  kayan को पुलिस ने कॉल किआ था but kaYan call respond नहीं किया था। माँ की हालत उसको पता ही नहीं था। 

2hr emergency के तहत operatin के बाद Dr ने पुलिस को बोल दीया की उनकी बॉडी से बहोत सारा blood निकल गया है और उनकी body नया blood को  उतना accepct नहीं कर पारही है जितना उनकी बड़ी को चाहिए जिंदा रहने के लिए। आधा घंटा मैं उनको सेंस आजायेगा। उनकी family members को बुला लो। वो  ज्यादा देर तक जिंदा नहीं रह पाएगी। पुलिस market जाके kayan की college से kayan को hospital लेके आने लगा।

वहां hospital मैं जब माँ को sence आया , तो  doctor ने  उनकी घर बालों की पता पूछा। माँ को भी लग रहा था कि वोऔर ज्यादा टाइम नहीं जी सकती। वो बहोत धीमे आवाज़ से अपनी मोबाइल फ़ोन मंगा। Dr ने nurse को permission दिया उनकी फ़ोन लाने को। 

Kayan की माँ फ़ोन लिया और भारी आवाज में  Anugrah को एक voice message व्हाट्सअप और  Mail किआ। 

उतना मैं ही kayan रोतेरोते  माँ के पास आया ।police kayan को एक्सीडेंट  के बारे मे बोल दिया था।।

Kayan माँ को पकड़ के रोये जारहा था।माँ kayan को निहारता रहा। उसकी आंसू पोछ रहा था। kayan बोलै माँ तू मुझे अकेला छोड़ के ऐसे कैसे जासकती है।मैं कैसे रहूंगा तेरे बगेर मैं माँ।।इतना मैं ही माँ वहीं अपनी आखरी दम तोड़ दिया। एक 14 साल के बचा के सामने उसकी माँ उसको छोड़ के चली गई थी। kayan रो रहा था।

फिर Mishra uncle वहां पहोंच के kayan को संभाल ने की कोशिश किआ। इसी तरह kayan उसदिन से अनाथ से ज़िंदगी जी रहा था। 

माँ की अंतिम  संस्कार   के बाद kayan Anugrah को call किआ but। Anugrah की नंबर बन्द आया । उसने continue call करता रहता था।but वो number कभी  नहीं लगा। 

वो अब खुदसे लड़ रहा था। उसको लगा माँ तो नहीं रही उसकी ज़िंदगी मैं। अब और एक रिस्ता भी उसको  धोका देदिया। 

वो एक दिन Virat को मिलने उसकी घर गया। Kayan, virat से पूछा की Anugrah कहां है।  virat ने kayan को अपने पास बैठाया और उसको  बोला।  listen kayan अब तू aunty कि जाने के गम से उबर नही पाया है, और मैं तुम को कुछ ऐसा बोलके और दुख नहीं देना चाहता हूं । Anugrah के बारे मे बाद मैं बात करेंगे।

Kayan बोला, virat bhaiya मेरे ज़िंदगी मे आनेवाला कोई भी दुख उतना बड़ा नहीं होगा, जिस दुख के साथ मैं अभी.... जी रहा हूँ। 

आप बोलो मैं सुन ने की हिमत रखता हूँ। एक साथ ही दुख झेल लेना बी सही होगा।

बार बार  दुख को झेलने से ज्यादा अच्छा होगा कि मैं एक ही बार मैं सब दुख को सामना करलूं।

Virat बोला, सुनले फिर,,,.....

Anugrah और मैं relationship मैं थे ।और वो इसीलिए यहां आया था कि मेरे पापा हमारा रिश्ता को और अनुघ्रह को समझ पाएं। 
But वो यहां आने के बाद तुम से मिला। और उसको मेरे से  ज्यादा तू अच्छछा लगा।

अब तू क्या सुन न चाहते हो।मेरा प्यार के बारे मे या अनुघ्रह की छिछोरापन के बारे मे।

और वो घर जाने से पहले आया था मेरे पास officialy breakup करके गया ।

तू ये मत सोच की वो तेरे प्यार मैं था। अगर प्यार मैं होता तो अबतक आजाता तेरे पास।अगर प्यार करता ना तुझे,तेरे इसी मुस्किल time मैं वो अब यहां होता।

और मुझे अच्छा लगता कि मैं किसी ऐसे इंसान को प्यार किआ की वो दिल से  किसी को अपनाया है।

  कुछ लोग होते हैं ऐसे ,जो अपनी खुसी पाने के लिए किसी भी हद तक दुशरो को use करते है

।मेरे नज़र मैं वैसा ही है। अब  तेरे नज़र मैं वो क्या होना चाहिए वो तू खुद judge करले।

Virat ये सब बोलके अंदर गया। और Kayan बस statue होगया था वहीं। आंखों से आँसू बहकर निचे गिरगया।

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Kayan अब अपनी यादों से बाहर आया। तब तक साम होगया था। और  kayan रोने लगा। और अपनी माँ को याद करके बोला

माँ तुम क्यों छोड़ दिया मुझे यहां ।तेरे शिवाय कोई मेरा अपना नहीं था यहां। 

उस से दूर होकर बाहोत दर्द हुआ था kayan को। दो दो रिस्ते से बिछड़ कर खूब रोया था वो अंधेरे कमरे में।

कुछ देर बाद वो खुद को संभाला और अपनी घर पहोंचा वो।।।।

अब Anugrah फिरसे kayan की जिंदिगी मैं लौटा है। मगर अब kayan प्यार नहीं करता , वो नफरत करता है या नहीं Anugrah से ये वो खुद नहीं समझा था। मगर वो दूर रहना चाहता था उस से। Anugrah का पास होना अब उसको दर्द मेहसूस करबा राहा था।


Anugrah बाहोत कुछ समझ गया था यहां आके। उसका दिल बस यदि केह रहा था, तुझे कभी नहीं भूल पाऊंगा, अब तुझ से दूर कहीं नहीं जाऊंगा ।क्या हुआ थोडी दूरी हे हमारे बीच में, ये फासलें मिटा के एक दिन तेरे पास ज़रूर आऊंगा ।


क्या Anugrah , kayan को अपनी ज़िंदगी मे वापस लापाएगा ????

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Must Read:Kayan Kindegi part 5

                   :KayanKi Zindegi Part 3

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Comments

Unknown said…
Very nice story

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